आम

आम भी खास है

पेड़ पर लगे आमो के गुच्छे देख कर मन में सोचा

फिर कौंधा एक विचार

काश सब हो जाते आम

ना रह जाता कोई खास

तो ज़िन्दगी कैसी होती

सबको हर चीज नसीब होती

ना कोई बान पता धनवान

ना गरीब रहता परेशान

पर आम खास के सोच में

आमो की एक खुशबू आई

जब जाकर देखा पास

तो कोई व्यक्ति खास

चूस रहा था आम

जिसे देख में बोला

खास ना बनेगा आम

आम को है बनना पड़ेगा खास


                    राहुल 

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