शून्य

मै शून्य से शुरू और शून्य पर ख़तम हुआ

मै शून्य से उठा और

ऊंचे आसमानों तक गया

पर अंत कहा दूर थी 

वापस शून्य पर आ गया

शून्य से ना भाग सका

सब कुछ ना पा सका

जिसकी तलाश में निकला था

वो तलाश भी अधूरा रहा

शून्य से शुरू हुआ शून्य पर ख़तम हुआ


                             

                                 - राहुल

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