I am hindi blogger. Here I write my own thoughts
यूं ही बैठे बैठे एक खयाल आया था
वर्षा की बूंदों से एक सैलाब आया था
बहा ले गया था उन तमाम कश्तियों को
जिन्हे अपनी कश्तियों का गुमान था।
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